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Mother’s Day 2026: डीआईजी मनोज तिवारी ने मां को बताया जीवन की सबसे बड़ी ताकत

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मदर्स डे पर मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी ने मां को लेकर भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मां का आशीर्वाद इंसान की सबसे बड़ी ताकत और जीवन की असली पूंजी होती है।

DARBHANGA/आलम की खबर: मदर्स डे के अवसर पर मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी ने मां को लेकर बेहद भावुक और प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इंसान के जीवन में मां का स्थान सबसे ऊंचा होता है और मां का आशीर्वाद ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बनता है। डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि दुनिया में कोई भी रिश्ता मां की ममता, त्याग और प्रेम की बराबरी नहीं कर सकता।

मदर्स डे पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि एक मां केवल बच्चे को जन्म नहीं देती, बल्कि उसे संस्कार, अनुशासन और संघर्ष से लड़ने की ताकत भी देती है। उन्होंने कहा कि जीवन में जब भी कठिन परिस्थितियां आती हैं, तब मां की सीख और दुआ इंसान को संभालने का काम करती है। उनके अनुसार, मां का विश्वास किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होता है।

डीआईजी मनोज तिवारी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि बचपन में मां द्वारा सिखाई गई छोटी-छोटी बातें आज भी उन्हें प्रशासनिक और व्यक्तिगत जीवन में सही रास्ता दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन और लोगों के प्रति संवेदनशीलता जैसे गुण उन्हें अपनी मां से ही मिले हैं। यही संस्कार आज उनकी जिम्मेदारियों को निभाने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा जैसी चुनौतीपूर्ण नौकरी में हर दिन नई परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तनाव और दबाव इतना अधिक होता है कि मानसिक मजबूती की जरूरत पड़ती है। ऐसे समय में मां की बातें और उनका आशीर्वाद हिम्मत देने का काम करता है। उन्होंने माना कि मां की दुआ इंसान को कभी कमजोर नहीं पड़ने देती।

मनोज तिवारी ने कहा कि आज के दौर में लोग सफलता की दौड़ में परिवार और रिश्तों से दूर होते जा रहे हैं। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मां-बाप की खुशी और आशीर्वाद से बड़ी कोई उपलब्धि नहीं हो सकती। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता का सम्मान करें और उनके साथ समय बिताएं।

उन्होंने यह भी कहा कि मां का त्याग अक्सर दिखाई नहीं देता, लेकिन हर सफल व्यक्ति की कहानी में मां का संघर्ष जरूर छिपा होता है। एक मां अपने बच्चों की खुशी के लिए अपने सपनों तक का त्याग कर देती है। यही वजह है कि मां को भगवान का सबसे सुंदर रूप कहा जाता है।

डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि बचपन में मां की डांट कई बार बुरी लगती थी, लेकिन वही बातें आगे चलकर जिंदगी की सबसे बड़ी सीख बन गईं। उन्होंने कहा कि मां हमेशा चाहती है कि उसका बच्चा एक अच्छा इंसान बने और समाज में सम्मान के साथ जीवन जिए। यही सोच बच्चों को सही दिशा देती है।

मदर्स डे पर उनके इस संदेश को लोगों ने काफी सराहा। सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने उनके विचारों को प्रेरणादायक बताया। लोगों का कहना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ऐसे संदेश समाज को रिश्तों की अहमियत याद दिलाते हैं।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि मां बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बचपन के संस्कार, जीवन के मूल्य और संघर्ष से लड़ने की ताकत सबसे पहले मां से ही मिलती है। यही वजह है कि हर सफल व्यक्ति अपनी सफलता के पीछे मां के योगदान को सबसे बड़ा मानता है।

डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि मदर्स डे केवल एक दिन का उत्सव नहीं होना चाहिए। मां के प्रति सम्मान और प्रेम हर दिन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस घर में मां खुश रहती है, वहां सकारात्मकता और सुख हमेशा बना रहता है।

उन्होंने समाज के सभी लोगों को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां की सेवा और सम्मान से बड़ा कोई धर्म नहीं हो सकता। मां वह शक्ति है, जो बच्चों को गिरने से बचाती ही नहीं, बल्कि गिरने के बाद फिर से उठना भी सिखाती है।

मदर्स डे पर उनका यह संदेश लोगों के लिए भावनात्मक होने के साथ-साथ एक सामाजिक सीख भी बन गया है। यह संदेश बताता है कि चाहे इंसान कितना भी बड़ा अधिकारी या सफल व्यक्ति क्यों न बन जाए, उसकी असली ताकत और पहचान उसके संस्कार और मां की दुआ से ही बनती है।

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